“जादुई पंख और छोटा साहसी परी”

The Best Motivational Story : बहुत समय पहले की बात है, एक सुंदर पहाड़ी गाँव में एक नन्हा लड़का रहता था — अर्जुन। वह सीधा-सादा, लेकिन बेहद जिज्ञासु था। उसे परियों की कहानियाँ, जादू, और रहस्यमयी चीज़ों से बहुत प्यार था। उसका सपना था कि एक दिन वह किसी जादुई दुनिया की सैर करेगा।

अर्जुन के गाँव के पास ही एक घना जंगल था, जहाँ कोई नहीं जाता था। वहाँ के बारे में कहा जाता था कि वहाँ जादू बसता है। एक दिन अर्जुन ने ठान लिया कि वह उस जंगल में जाएगा और सच्चाई जानेगा।



The Best Motivational Story : [जंगल की रहस्यमयी खोज]

अर्जुन चुपके से सुबह-सुबह निकल पड़ा। पेड़ों की शाखाएं झूल रही थीं, पक्षियों की आवाजें गूंज रही थीं। चलते-चलते वह जंगल के बीच में पहुँच गया, जहाँ एक चमकदार झील थी। जैसे ही उसने झील के पानी को छुआ, अचानक एक रोशनी सी निकली और सामने एक छोटी सी परी प्रकट हो गई।

उसका नाम था तारिका। वह एक जादुई परी थी, जो सालों से जंगल की रक्षा कर रही थी।



The Best Motivational Story : [परी और अर्जुन की दोस्ती]

तारिका ने अर्जुन से कहा, “तुमने मेरा जादू छू लिया है। अब तुम्हारे अंदर साहस और सच्चाई की परख करने की शक्ति आ गई है। लेकिन इसका मतलब यह भी है कि तुम्हें एक ज़िम्मेदारी निभानी होगी।”

अर्जुन ने मुस्कराकर कहा, “मैं तैयार हूँ।”

तारिका ने उसे तीन जादुई पंख दिए और कहा, “ये पंख तुम्हें तीन बार संकट से बाहर निकाल सकते हैं, लेकिन हर बार जब तुम इनका उपयोग करोगे, एक परीक्षा भी देनी होगी।”



[पहली परीक्षा – लालच का जाल]

अर्जुन को जंगल के एक कोने में सोने से भरी गुफा मिली। वहाँ एक आवाज़ गूंजने लगी — “सब कुछ ले लो, यह सब तुम्हारा है।”

अर्जुन को एक पल के लिए लगा कि वह अमीर बन सकता है, लेकिन फिर उसने सोचा कि यह परीक्षाओं में से एक है। उसने पंख का उपयोग नहीं किया, बल्कि आंखें बंद कर सत्य का ध्यान किया।

तभी वह गुफा गायब हो गई और परी की आवाज आई — “तुमने लालच को हराया, अर्जुन।”


[दूसरी परीक्षा – भय की छाया]

अर्जुन को अगली बार एक डरावनी गुफा में जाना पड़ा। वहाँ अंधेरा था और एक दैत्याकार परछाई उसकी ओर बढ़ रही थी। अर्जुन डर गया लेकिन उसने पहला जादुई पंख हवा में घुमाया।

एक तेज़ रोशनी फैली और परी प्रकट हुई। “तुमने भय का सामना किया। यह साहस है।”


[तीसरी परीक्षा – स्वार्थ बनाम सेवा]

तीसरी परीक्षा सबसे कठिन थी। अर्जुन को एक भूखा बच्चा मिला, और उसके पास बस एक रोटी थी। वह खुद भी भूखा था। अर्जुन ने थोड़ी देर सोचा और फिर रोटी उस बच्चे को दे दी।

उस क्षण अंतिम पंख चमकने लगा और परी प्रकट हुई — “तुमने सेवा को चुना, यह सबसे बड़ी शक्ति है।”



The Best Motivational Story : [पुरस्कार और विदाई]

तारिका मुस्कराई और अर्जुन से बोली, “अब तुम सच्चे योद्धा हो। तुम्हारे भीतर करुणा, साहस और निस्वार्थता है। तुम्हें एक और उपहार दूँगी — सत्य दृष्टि।”

अब अर्जुन अपने गाँव लौटा, लेकिन वह पहले जैसा बच्चा नहीं था। अब वह दूसरों की मदद करता, ईमानदारी से काम करता, और बच्चों को वही सीख सिखाता जो उसने परी से सीखी थी।


[कहानी का निष्कर्ष]

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि असली जादू किसी जादुई पंख में नहीं, बल्कि हमारे साहस, ईमानदारी और दूसरों की मदद करने की भावना में छिपा होता है।


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