HORROR STORY HINDI 2025 : कालरात्रि की छाया

HORROR STORY HINDI 2025 : अज्ञात की दस्तक

गाँव कालीपुर चारों ओर से घने जंगलों से घिरा हुआ था। दिन में यह गाँव साधारण लगता था, लेकिन रात होते ही अजीब घटनाएँ शुरू हो जातीं। लोग कहते थे कि रात के तीसरे पहर में जंगल से अजीब सायों की आवाज़ें आती हैं। कई बार कोई घर से बाहर गया तो सुबह उसकी लाश ही मिलती।

रवि, जो शहर में पढ़ाई कर रहा था, गर्मियों की छुट्टियों में अपने गाँव लौटा। उसने अपने दादा जी से इन अजीब घटनाओं के बारे में सुना था, लेकिन उसे इन सब पर विश्वास नहीं था।

“ये सब मनगढंत कहानियाँ हैं दादा जी,” रवि हँसते हुए बोला।
“बेटा, जो दिखता नहीं, वह हमेशा झूठ नहीं होता,” दादा जी ने गंभीरता से कहा।

रवि ने ठान लिया कि वह इस रहस्य को सुलझाकर रहेगा।

HORROR STORY HINDI 2025 : जंगल का राज

रवि के दोस्त, सुरेश और दीपक, उसके इस रोमांचक अभियान में साथ देने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने तय किया कि रात को जंगल के किनारे जाकर देखेंगे कि आखिर वहाँ क्या होता है।

रात के ठीक 12 बजे तीनों जंगल के पास पहुँचे। हवा में एक अजीब सी ठंडक थी। दूर कहीं उल्लू की आवाज़ आ रही थी। अचानक झाड़ियों में कुछ सरसराहट हुई।

“शायद कोई जानवर होगा,” सुरेश ने फुसफुसाकर कहा।

लेकिन अगले ही पल, एक काली परछाई उनके सामने प्रकट हुई। वह कोई इंसान नहीं था, बल्कि एक बेहद डरावना साया था, जिसकी लाल आँखें जल रही थीं। तीनों के रोंगटे खड़े हो गए।

“भागो!” रवि चिल्लाया।

HORROR STORY HINDI 2025 : श्रापित हवेली

किसी तरह जान बचाकर वे गाँव लौटे और इस घटना के बारे में दादा जी को बताया। दादा जी ने गहरी साँस लेते हुए कहा, “यह तुम्हारी बड़ी भूल थी, बेटा। वह आत्मा बहुत पुरानी और खतरनाक है।”

उन्होंने बताया कि गाँव के पास की पुरानी हवेली इस श्राप की जड़ थी। वर्षों पहले, उस हवेली में ठाकुर रघुनाथ सिंह रहते थे, जो तांत्रिक साधनाओं में विश्वास रखते थे। एक दिन, उनकी तंत्र विद्या के कारण गाँव पर भयंकर आपदा आ गई और बहुत से लोग मारे गए। क्रोधित ग्रामीणों ने हवेली को आग लगा दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ठाकुर की आत्मा वहीं कैद हो गई और अब वह हर अमावस्या की रात किसी न किसी को अपना शिकार बना लेती।

रवि और उसके दोस्तों ने तय किया कि वे इस रहस्य को हमेशा के लिए समाप्त करेंगे।

HORROR STORY HINDI 2025 : आत्मा का सामना

अमावस्या की रात तीनों ने हिम्मत करके हवेली में जाने की योजना बनाई। वे अपने साथ हनुमान चालीसा, पवित्र जल और कुछ अन्य रक्षात्मक चीज़ें लेकर चले।

हवेली में घुसते ही चारों ओर अंधेरा था। हवा में सड़ांध भरी हुई थी। जैसे ही उन्होंने भीतर कदम रखा, दरवाजे खुद-ब-खुद बंद हो गए।

अचानक, उन्हें एक अजीब-सी फुसफुसाहट सुनाई दी।

“तुम यहाँ नहीं बचोगे…”

सामने दीवार पर एक परछाई उभर आई। वह वही भयानक साया था। उसकी आँखें अंगारों की तरह जल रही थीं।

दीपक ने हिम्मत दिखाते हुए पवित्र जल उस पर छिड़का, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। उल्टा हवेली में चीज़ें हवा में उठने लगीं और इधर-उधर गिरने लगीं।

रवि ने जल्दी से हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू किया। अचानक, आत्मा जोर-जोर से चीखने लगी और पूरे कमरे में हिलोरें उठने लगीं। दीवारों से खून टपकने लगा।

लेकिन रवि ने हिम्मत नहीं हारी। वह लगातार मंत्र पढ़ता गया।

HORROR STORY HINDI 2025 : अंत या नई शुरुआत?

आखिरकार, एक गगनभेदी चीख के साथ आत्मा हवा में बिखर गई। हवेली अचानक शांत हो गई। दरवाजे अपने आप खुल गए, और हवा में हल्की सी सुगंध फैल गई।

गाँव वालों ने सुना कि हवेली से रोशनी निकल रही थी, और वे दौड़ते हुए वहाँ पहुँचे। जब रवि, सुरेश और दीपक बाहर आए, तो गाँववालों ने उन्हें हीरो की तरह देखा।

“अब यह आत्मा कभी वापस नहीं आएगी,” दादा जी ने मुस्कुराते हुए कहा।

लेकिन, जब रवि ने पीछे मुड़कर देखा, तो उसे एक काली परछाई फिर से हवेली की खिड़की पर दिखी।

क्या यह सच में अंत था? या फिर यह श्राप अभी भी जारी था…?

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