Site icon therealstory24

नन्हा दीपक और जादुई जंगल

Best Moral Story : गाँव का बच्चा
छोटे से गाँव “आशापुर” में दीपक नाम का एक नन्हा लड़का रहता था। वह बहुत ही जिज्ञासु और साहसी था। हर बात को समझने और जानने की चाह उसमें बचपन से ही थी। उसके माता-पिता साधारण किसान थे, लेकिन उन्होंने दीपक को बहुत अच्छे संस्कार दिए थे। दीपक स्कूल जाता, घर के कामों में हाथ बंटाता, और कभी-कभी गाँव के बुज़ुर्गों की कहानियाँ सुनता।

एक दिन गाँव के वृद्ध बाबा ने बच्चों को एक रहस्यमयी जंगल की कहानी सुनाई — “जादुई जंगल”, जहाँ पेड़ बोलते हैं, जानवर इंसानों की तरह बात करते हैं और जहाँ हर सौ साल में एक ‘सच्चे दिलवाले’ को हीरे जैसा इनाम मिलता है। यह सुनते ही दीपक के मन में जंगल को देखने की इच्छा जाग उठी।



Best Moral Story : सफर की शुरुआत
अगले दिन भोर में ही दीपक एक छोटा सा बैग लेकर निकल पड़ा। रास्ते में उसने एक चिड़िया को कांटे में फंसा देखा। वह रुका, कांटा निकाला और चिड़िया उड़ गई। चिड़िया ने कहा, “जब तुम्हें जरूरत हो, बस मेरा नाम लेना – ‘कुहू’।” दीपक मुस्कुराया और आगे बढ़ गया।

कुछ ही दूरी पर उसे एक छोटा हिरन मिला जो कीचड़ में फंसा था। दीपक ने उसे भी बचाया। हिरन बोला, “मैं तुम्हारा उपकार नहीं भूलूँगा। मेरा नाम ‘छब्बू’ है।”



Best Moral Story : जादुई जंगल का प्रवेश
शाम तक वह एक घने, रहस्यमयी जंगल के पास पहुँचा। पेड़ों के पत्ते नीले-हरे थे और वहाँ की हवा में सुगंधित मिठास थी। अचानक एक विशाल पेड़ ने बोला, “सिर्फ सच्चे दिलवाले ही यहाँ प्रवेश कर सकते हैं।” दीपक ने साहस से उत्तर दिया, “मैं कुछ लेने नहीं, सीखने आया हूँ।” पेड़ ने मार्ग खोल दिया।

जंगल में चारों तरफ अजीब-अजीब प्राणी थे – उड़ते खरगोश, हँसते फूल, और पानी की तरह चमकते पत्थर। वहाँ की हर चीज़ एक कहानी सुनाती थी।



Best Moral Story : परी और परीक्षा
एक खूबसूरत नदी के किनारे दीपक को एक परी मिली, जो उदास थी। उसने बताया, “मैं जादुई जंगल की रक्षक हूँ, लेकिन अब कोई भी दिल से सच्चा नहीं रहा। जंगल की शक्ति कमज़ोर हो रही है।”

दीपक ने वचन दिया कि वह परीक्षा देगा।

पहली परीक्षा थी — सच बोलना। उसे एक चमकती हुई छड़ी मिली और आवाज़ आई: “अगर तुम झूठ बोलो, तो छड़ी काली हो जाएगी।” उससे कई सवाल पूछे गए — जैसे, “क्या तुमने अपने माता-पिता की अनुमति ली?”, “क्या तुम जंगल के खजाने के लिए आए हो?” दीपक ने सच-सच बताया कि उसने अनुमति नहीं ली थी, लेकिन वह केवल जानने और समझने के लिए आया है।

छड़ी और चमकने लगी।

दूसरी परीक्षा थी — दूसरों की मदद करना। उसे एक पेड़ के नीचे घायल भालू मिला। दीपक ने बिना डरे उसकी मरहम-पट्टी की। भालू ने कहा, “तुम सच्चे दिलवाले हो।”



Best Moral Story : जंगल का उपहार
तीसरी और अंतिम परीक्षा थी — त्याग। दीपक को जंगल के बीचों-बीच एक सुनहरी किताब मिली, जिसमें सब ज्ञान था। उसे कहा गया, “इस किताब से तुम बहुत बड़ा बन सकते हो, लेकिन जंगल की शक्ति तब लौटेगी जब कोई इसे वापस करेगा।”

कुछ सोचकर दीपक ने किताब लौटा दी।

अचानक जंगल के हर कोने में रोशनी फैल गई। वह परी मुस्कुरा उठी, “तुमने अपने त्याग से जंगल को बचा लिया। तुम्हारा दिल सबसे बड़ा खजाना है।”



Best Moral Story : गाँव में वापसी
दीपक को जंगल ने एक छोटी सी लकड़ी दी जो जब भी ज़रूरत होगी, मदद के लिए बदलेगी। गाँव लौटकर दीपक ने सभी को अपना अनुभव सुनाया। उसके माता-पिता ने उसे गले लगा लिया। वह जंगल नहीं गया था किसी खजाने के लिए, लेकिन जो मिला — वह था ज्ञान, दोस्ती और अपने आप पर विश्वास।

वह अब गाँव के बच्चों को कहानियाँ सुनाता, सिखाता और हमेशा सच्चाई, साहस और दया का महत्व बताता।



Moral Of The Story

सच्चा साहस बाहर नहीं, अंदर होता है।

सच बोलना, दूसरों की मदद करना और त्याग करने की भावना ही इंसान को महान बनाती है।

ज्ञान ही असली खजाना है।


Exit mobile version