The best story for children : सूखा पड़ा गांव
छोटे से गांव “नैनीपुर” में कई महीनों से बारिश नहीं हुई थी। खेत सूख गए थे, तालाब खाली हो चुके थे और जानवर प्यासे रहने लगे थे। गांववाले परेशान थे, और बच्चों को खेलने के लिए भी अब मिट्टी नहीं बल्कि धूल ही मिलती थी।
नीलू, एक 10 वर्षीय चंचल लेकिन संवेदनशील लड़की, रोज़ अपनी दादी से कहानियाँ सुना करती थी। एक दिन दादी ने उसे एक प्राचीन जादुई जंगल की कहानी सुनाई — “वो जंगल जहाँ की हवा में पानी है, और पेड़ बारिश ला सकते हैं।”
नीलू के मन में उस जंगल को ढूंढने का विचार घर कर गया।
The best story for children : साहसिक यात्रा की शुरुआत
अगली सुबह, नीलू एक छोटी सी पोटली में रोटी, पानी और अपनी दादी की दी हुई लकड़ी की मूर्ति लेकर निकल पड़ी। रास्ता लंबा और मुश्किल था — कांटों से भरी झाड़ियाँ, गहरी नदियाँ और ऊँचे पहाड़।
रास्ते में उसकी मुलाकात एक घायल खरगोश से हुई। नीलू ने अपनी पट्टी फाड़कर उसकी देखभाल की। खरगोश बोला, “तुम बहुत दयालु हो। मैं तुम्हें जादुई रास्ते की ओर ले चलूंगा।” खरगोश की मदद से वह उस जंगल के पास पहुँच गई जहाँ कोई इंसान नहीं गया था।
The best story for children : जादुई जंगल की परीक्षा
जंगल में प्रवेश करते ही पेड़ आपस में बातें करने लगे। एक बूढ़ा पीपल पेड़ बोला, “यहाँ हर कोई नहीं आ सकता, तुम्हें तीन परीक्षाएँ पास करनी होंगी।”
पहली परीक्षा: एक सुखी झील को जीवन देना था। नीलू ने पास के पेड़ों से बात की, और वे सभी अपने पत्ते झील में गिराकर उसे ठंडक देने लगे। कुछ देर में पानी की बूँदें झरने लगीं।
दूसरी परीक्षा: एक रोता हुआ बादल था जिसे मुस्कुराना था। नीलू ने उसके साथ अपनी पसंदीदा कहानी साझा की — “छोटा मोटू और उसकी छतरी”। बादल हँस पड़ा और हल्की बारिश होने लगी।
तीसरी परीक्षा: उसे अपने गांव लौटने के लिए जंगल से इजाजत लेनी थी। पेड़ों ने पूछा, “क्या तुम इस पानी को सिर्फ अपने लिए चाहती हो?”
नीलू ने जवाब दिया, “नहीं, मैं चाहती हूँ कि सभी गांववाले, जानवर और पेड़-पौधे इससे लाभ लें।”
पेड़ मुस्कराए, और एक जादुई बीज उसे दिया — “इसे गांव में लगाओ, और सब कुछ बदल जाएगा।”
The best story for children : गांव की नई सुबह
नीलू गांव लौटी तो सबको उसकी यात्रा पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन उसने वो बीज गांव के सबसे पुराने कुएं के पास रोप दिया। कुछ ही दिनों में वहाँ एक हरा-भरा वृक्ष उग आया और बारिश शुरू हो गई।
तालाब फिर से भरने लगे, खेतों में हरियाली लौट आई और गांववालों का विश्वास भी। नीलू सबकी हीरो बन गई — एक छोटी सी बच्ची जिसने अपने साहस, दया और बुद्धिमत्ता से पूरे गांव को बचा लिया।
The best story for children : अंतिम संदेश
आज भी जब नैनीपुर में गर्मी पड़ती है, लोग कहते हैं — “नीलू की तरह सोचो, और पेड़ों से दोस्ती करो। जंगल जादुई होता है, अगर तुम सच्चे दिल से उससे बात करो।”
Moral Of The Story
बच्चों में भी बड़ा बदलाव लाने की शक्ति होती है।
प्रकृति हमारी सच्ची दोस्त है, बस हमें उसकी सुननी चाहिए।
साहस, करुणा और ईमानदारी से असंभव भी संभव हो जाता है।