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“ईमानदारी की जीत” : एक बालक, एक राजा और एक बीज की अद्भुत कहानी

The Best Motivational Story : राजा की घोषणा

बहुत समय पहले की बात है। एक राज्य था – सत्यलोक। वहाँ के राजा धर्मसेन बहुत न्यायप्रिय और दूरदर्शी थे। अब वे वृद्ध हो चुके थे और उत्तराधिकारी की तलाश में थे। उनके पास कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने निर्णय लिया कि वे राज्य का उत्तराधिकारी पूरे राज्य के बच्चों में से चुनेंगे।

एक दिन उन्होंने एक घोषणा की:

“सभी बच्चों को राजमहल बुलाया जाएगा और उन्हें एक-एक बीज दिया जाएगा। जो बच्चा एक साल बाद सबसे सुंदर पौधा उगाकर लाएगा, वही इस राज्य का भविष्य होगा।”

राज्य के हर गाँव, हर शहर से बच्चे आए। सबको एक-एक बीज मिला। उसी भीड़ में था अर्जुन, एक गरीब किसान का बेटा।

The Best Motivational Story : अर्जुन का संघर्ष

अर्जुन को खेती का थोड़ा अनुभव था। उसने अपने बीज को मिट्टी से भरे गमले में लगाया, रोज पानी दिया, सूरज की रोशनी में रखा, उसकी देखभाल की। लेकिन एक हफ्ता बीत गया, फिर दो, फिर महीना… पौधा नहीं उगा।

अर्जुन परेशान हो गया। लेकिन उसने हार नहीं मानी। उसने बीज को दूसरी मिट्टी में लगाया, फिर भी कुछ नहीं हुआ। उसके दोस्तों के पौधे बड़े हो रहे थे – किसी का गुलाब, किसी का तुलसी, किसी का आम का पौधा। लेकिन अर्जुन के गमले में बस मिट्टी थी — सूनी और खाली।

माँ ने कहा, “बेटा, तुमने मेहनत की है। अब जैसी स्थिति है, वैसी ही राजा को दिखा दो। झूठ मत बोलना, कोई और पौधा मत लगाना।”

अर्जुन ने सिर झुकाया और बोला, “हाँ माँ, मैं झूठ नहीं बोलूँगा।”

The Best Motivational Story : राजमहल में प्रस्तुति

एक साल बाद, सभी बच्चे अपने पौधे लेकर राजमहल पहुँचे। कोई सुंदर फूलों का पौधा लाया, कोई फलदार पेड़। रंग-बिरंगे गमलों से राजमहल का प्रांगण सज उठा था।

अर्जुन शर्मिंदा होकर एक सूना गमला लेकर वहाँ खड़ा था। कुछ बच्चे उसका मज़ाक उड़ा रहे थे:

“अरे देखो, ये क्या लाया है? मिट्टी का खाली गमला?”
“शायद इसका बीज मर गया!”

लेकिन राजा ने सब बच्चों के गमले देखे और अंत में अर्जुन के पास आकर रुक गए।

“तुम्हारा नाम क्या है, बालक?”
“अर्जुन, महाराज,” उसने धीमे से कहा।

“और तुम्हारा पौधा कहाँ है?”
“महाराज, मैंने वही बीज लगाया जो आपने दिया था। मैं रोज़ पानी देता रहा, धूप में रखता रहा, पर पौधा नहीं उगा। मैंने कोई और बीज नहीं लगाया। मैं झूठ नहीं बोल सकता।”

राजा के चेहरे पर मुस्कान फैल गई।

The Best Motivational Story : रहस्य का खुलासा

राजा सिंहासन पर बैठे और सबको संबोधित किया:

“प्रिय बच्चों! मैं अब घोषणा करता हूँ कि राज्य का अगला राजा होगा – अर्जुन!”

सभी चौंक गए। कोई समझ नहीं पाया कि क्यों?

राजा बोले:

“सभी बच्चों को जो बीज मैंने दिया था, वह उबालकर निष्क्रिय किए गए थे – वे उग ही नहीं सकते थे। मैंने तुम सबकी ईमानदारी की परीक्षा ली थी। बाकी सभी ने जब देखा कि बीज नहीं उगा, तो उन्होंने दूसरा पौधा लगा दिया — यानी झूठ बोला। लेकिन अर्जुन अकेला ऐसा बालक है जिसने सच्चाई नहीं छोड़ी। ऐसे ईमानदार और साहसी लड़के को ही राजा बनना चाहिए।”

The Best Motivational Story : अर्जुन बना राजा

राजा धर्मसेन ने अर्जुन को आशीर्वाद दिया, और पूरे राज्य ने उसकी ईमानदारी की सराहना की। अर्जुन ने अपने जीवन भर राज्य को सच्चाई, न्याय और सेवा से चलाया।

वह कहता था:

“राजा बनने से पहले, इंसान बनना ज़रूरी है। और इंसान वही है, जो सच्चाई से डरे नहीं।”


शिक्षा

ईमानदारी चाहे कितनी भी कठिन लगे, अंत में उसकी जीत होती है।

झूठ बोलकर थोड़ी सफलता मिल सकती है, लेकिन सच्चाई से हमेशा सम्मान मिलता है।

आत्म-विश्वास और अपने माता-पिता की बात मानना, बच्चों को महान बना सकता है।


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