गाँव के छोटे से घर में जन्मा एक लड़का, जिसका नाम अर्जुन था, उसकी आँखों में बड़े सपने थे। उसके माता-पिता किसान थे, जो कड़ी मेहनत करके परिवार का पेट पालते थे। अर्जुन पढ़ाई में होशियार था, लेकिन गरीबी की वजह से उसे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
Best Motivational Story : बचपन की कठिनाइयाँ
अर्जुन जब केवल दस साल का था, तब उसके पिता बीमार पड़ गए। घर की हालत और खराब हो गई। स्कूल जाने के लिए उसके पास न ढंग के कपड़े थे, न ही किताबें। लेकिन उसका जज़्बा कम नहीं हुआ। वह सुबह खेतों में काम करता और फिर स्कूल जाता। रात को लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करता।
उसकी माँ हमेशा कहती, “बेटा, मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। अगर तुम पूरी लगन से मेहनत करोगे, तो एक दिन तुम्हारी किस्मत भी चमकेगी।”
Best Motivational Story : पहला संघर्ष – पढ़ाई और काम एक साथ
गाँव में शिक्षा का स्तर अधिक नहीं था। अर्जुन को समझ आ गया था कि अगर उसे बड़ा बनना है, तो गाँव से बाहर जाकर पढ़ाई करनी होगी। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति उसे ऐसा करने की इजाजत नहीं देती थी।
उसने ठान लिया कि वह अपने खर्चे खुद उठाएगा। वह सुबह अख़बार बाँटने लगा और शाम को एक छोटी दुकान पर काम करता। इस संघर्ष के बावजूद उसने पढ़ाई में कभी समझौता नहीं किया।
Best Motivational Story : प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
बारहवीं कक्षा पास करने के बाद अर्जुन ने सरकारी स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया। उसने रात-दिन मेहनत की और परीक्षा में टॉप किया। उसे शहर के एक अच्छे कॉलेज में प्रवेश मिला।
लेकिन संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ था। शहर में रहने के लिए पैसे नहीं थे, तो उसने एक होटल में सफाई का काम पकड़ लिया। वह सुबह कॉलेज जाता, दोपहर को होटल में काम करता और रात को पढ़ाई करता।
Best Motivational Story : कई असफलताएँ, लेकिन हार नहीं मानी
कॉलेज के अंतिम वर्ष में अर्जुन ने एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन किया, लेकिन उसे कई बार असफलता मिली। हर बार रिजेक्शन आता, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी।
वह सोचता, “अगर मैंने अब हार मान ली, तो मेरे माता-पिता का सपना अधूरा रह जाएगा।”
अर्जुन ने और अधिक मेहनत शुरू कर दी। उसने अपनी कमजोरियों को पहचाना और उन पर काम किया।
Best Motivational Story : अंततः सफलता मिली
आखिरकार, उसकी मेहनत रंग लाई। उसे एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी मिल गई। जब उसने अपनी पहली सैलरी से माता-पिता के लिए एक नया घर खरीदा, तो उसकी माँ की आँखों में खुशी के आँसू आ गए।
आज अर्जुन एक सफल बिजनेस मैन है, लेकिन वह अपनी जड़ों को कभी नहीं भूला। वह अपने गाँव में स्कूल और लाइब्रेरी बनवा रहा है ताकि कोई और बच्चा गरीबी की वजह से अपने सपनों से वंचित न रह जाए।
Best Motivational Story : शिक्षा
अर्जुन की कहानी हमें सिखाती है कि कठिन परिश्रम, संकल्प और आत्मविश्वास से कोई भी व्यक्ति सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है। जीवन में कितनी भी मुश्किलें आएँ, हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए।