जंगल का हीरो – छोटा शेरू

Best Motivational Story : एक अनोखा बच्चा

बहुत दूर एक हरे-भरे जंगल में शेरों का एक बड़ा परिवार रहता था। उस परिवार के राजा थे – वीर सिंह। पूरे जंगल में उनकी दहाड़ गूंजती थी। उनकी रानी – जया, न केवल सुंदर थीं, बल्कि बहुत समझदार भी थीं। एक दिन रानी ने एक बच्चे को जन्म दिया – नन्हा और प्यारा शेर, जिसे सबने प्यार से शेरू नाम दिया।

शेरू बाकियों से बहुत अलग था। जहां उसके भाई-बहन पेड़ों पर झपटते, ऊँची छलांगें लगाते और जोर से दहाड़ते, वहीं शेरू चुपचाप बैठा रहता। उसे ऊँचाई से डर लगता, शिकार करते समय वह अक्सर फिसल जाता और उसकी दहाड़ इतनी धीमी होती कि खरगोश भी नहीं डरते।

शेरू को खुद पर शर्म आती, लेकिन वह हार मानने वालों में से नहीं था। हर रात वो अपने पिता की वीरता की कहानियाँ सुनता और सोचता – “काश मैं भी एक दिन ऐसा बन पाऊं…”

Best Motivational Story : जंगल में उठता तूफान

जंगल का जीवन खुशहाल चल रहा था, लेकिन एक रात कुछ अजीब हुआ। एक तेज चीख की आवाज आई – “बचाओ!” अगली सुबह पता चला कि जंगल के कोने में रहने वाला हिरन गोलू कहीं गायब हो गया।

राजा वीर ने सभा बुलाई। सब जानवर चिंतित थे। जुगनू बोला, “रात को मैंने काले साये जैसा कुछ देखा था। बहुत तेज और डरावना था।”

कुछ ही दिनों में तीन और जानवर लापता हो गए – एक खरगोश, एक मोर और एक गिलहरी। अब पूरा जंगल डर के साए में जीने लगा।

राजा ने कहा, “हमें अब कुछ करना होगा।”

जंगल के बड़े जानवरों से पूछा गया – भालू, बाघ, हाथी, सबने कहा, “हम कोशिश करेंगे…” लेकिन कोई सामने नहीं आया।

Best Motivational Story : जब शेरू ने ली जिम्मेदारी

सभा के अंत में एक नन्हा पंजा उठा – यह शेरू था।

“मैं कुछ करने की कोशिश करना चाहता हूँ,” उसने कहा।

सभा में सन्नाटा छा गया। सभी जानवर चौंक गए। कुछ हँस पड़े।

“तू?” बकरी बोली, “तुझसे तो मैं भी नहीं डरती!”

“कम से कम मैं कोशिश तो करूंगा,” शेरू ने शांत स्वर में जवाब दिया।

राजा वीर थोड़ी देर सोचते रहे और बोले, “अगर शेरू में हिम्मत है, तो हम उसे मौका देंगे। लेकिन वह अकेला नहीं जाएगा। कुछ चुने हुए जानवर उसके साथ रहेंगे।”

Best Motivational Story : शेरू की योजना

शेरू ने अपनी टीम बनाई – बंदर चिंपू, उल्लू बबलू, और कछुआ टिम्मी। उन्होंने मिलकर तेंदुए को पकड़ने की योजना बनाई।

शेरू ने देखा कि तेंदुआ हमेशा एक ही रास्ते से आता था – नदी के किनारे से। वहां जाल बिछाया गया। बबलू ने ऊँचाई से निगरानी रखी, चिंपू ने पत्तों और काँटों से जाल को छिपाया और टिम्मी ने शेरू को मार्गदर्शन दिया।

रात हुई। सब जानवर सांस रोककर प्रतीक्षा कर रहे थे।

अचानक झाड़ियों में हलचल हुई… और फिर – धड़ाम! एक तेज आवाज आई।

बबलू ने जोर से चिल्लाया – “जाल में फँस गया!”

Best Motivational Story : डर को हराने वाला शेरू

शेरू तुरंत दौड़ा और अपने जीवन की पहली सच्ची दहाड़ लगाई – इतनी तेज़ कि आसमान में उड़ते परिंदे थम गए। यह शेरू की असली आवाज थी।

सभी जानवर वहाँ इकट्ठा हुए। देखा – एक बड़ा तेंदुआ जाल में छटपटा रहा था। वह वही था जिसने जंगल में दहशत फैला रखी थी।

राजा वीर आए, उन्होंने देखा और बोले – “तुमने अकेले यह काम किया शेरू? तुम तो सच्चे शेर निकले!”

पूरे जंगल में जश्न मनाया गया। चारों तरफ शेरू की जय-जयकार होने लगी।

Best Motivational Story : जंगल का हीरो

अगली सुबह राजा वीर ने एक विशेष सभा बुलाई। उन्होंने घोषणा की:

“आज से शेरू न सिर्फ मेरा बेटा है, बल्कि जंगल का रक्षक भी है। वह हमारा जंगल का हीरो है।”

शेरू मुस्कराया, लेकिन उसने गर्व से सिर ऊँचा करने से पहले कहा:

“मैंने यह अकेले नहीं किया। चिंपू, बबलू और टिम्मी मेरे सच्चे साथी थे। साथ रहकर ही हम मजबूत बनते हैं।”

उसकी बात सुनकर सब जानवर भावुक हो गए। बकरी जो उसका मजाक उड़ाया करती थी, उसने आकर माफी मांगी। और शेरू ने मुस्करा कर उसे गले लगा लिया।

Best Motivational Story : अंत में एक सीख

कुछ समय बाद जब जंगल फिर से सुरक्षित और शांत हो गया, तो शेरू बच्चों को सिखाने लगा – कैसे डर को हराना है, कैसे मेहनत करनी है, और कैसे सच्चे दोस्त बनते हैं।

वह कहता, “हमें दूसरों की तरह बनने की ज़रूरत नहीं है। हमें खुद जैसा बनकर भी दुनिया में बड़ा काम करना आ सकता है। कभी मत सोचो कि तुम छोटे हो, अगर दिल बड़ा है तो कुछ भी संभव है।”


Moral Of The Story

  1. साहस शरीर में नहीं, दिल में होता है।
  2. अकेले नहीं, मिलकर काम करने से जीत मिलती है।
  3. मजाक उड़ाने वाले भी बदल सकते हैं, बस हमें अपनी कोशिश जारी रखनी होती है।
  4. जो डर से लड़ता है, वही असली हीरो होता है।

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