“राखी के धागे”
छोटे से गाँव “संतोषपुर” में रहने वाले आरव और सिया की कहानी, एक ऐसा रिश्ता जो जन्म से नहीं, पर दिल से जुड़ा था। दोनों अनाथ थे, लेकिन अनाथालय की दीवारों के बीच जो रिश्ता पनपा, वो खून के रिश्तों से भी ज़्यादा गहरा था। बचपन की डोर सिया जब अनाथालय आई, तब वो सिर्फ़ … Read more