नन्हा दीपक और जादुई जंगल

Best Moral Story : गाँव का बच्चाछोटे से गाँव “आशापुर” में दीपक नाम का एक नन्हा लड़का रहता था। वह बहुत ही जिज्ञासु और साहसी था। हर बात को समझने और जानने की चाह उसमें बचपन से ही थी। उसके माता-पिता साधारण किसान थे, लेकिन उन्होंने दीपक को बहुत अच्छे संस्कार दिए थे। दीपक स्कूल … Read more

कंचे वाला बादशाह

Best Moral Story For Kids In Hindi : गली का चैंपियन बिरपुरा गाँव की कच्ची गलियों में शाम होते ही बच्चों की चहचहाहट गूंजने लगती थी। उन्हीं गलियों में रहता था एक 11 साल का लड़का — राजू। साँवला रंग, चमकती आँखें और चेहरे पर हमेशा मुस्कान। उसके पापा खेतों में काम करते थे और … Read more

“नीलकंठ की वापसी”

गाँव का प्यारा मेहमान पहाड़ों से घिरे छोटे से गाँव नैसराग में एक सुंदर-सा बालक रहता था—अंशु। वह दस साल का था और पक्षियों का बहुत शौकीन था। हर सुबह वह खेतों की मेड़ पर बैठकर चिड़ियों की चहचहाहट सुनता, उनके नाम पहचानता और उनके बारे में पढ़ता। एक दिन गाँव में अफवाह फैली कि … Read more

जंगल का रहस्य

अजनबी पत्र राजू एक छोटे से गांव “आशापुर” में रहता था। वह दस साल का था और किताबें पढ़ने का बहुत शौक़ीन था। उसका सबसे अच्छा दोस्त था — एक पुराना कुत्ता “शेरू”, जो उसके साथ स्कूल भी जाता था। एक दिन राजू को एक पुराना लिफाफा मिला जो उसके आंगन में गिरा पड़ा था। … Read more

छोटा बीज, बड़ा सपना

एक छोटा बीज बहुत समय पहले की बात है, एक घना जंगल था। उसमें तरह-तरह के पेड़, पौधे, और जानवर रहते थे। उसी जंगल के एक कोने में, एक छोटा सा बीज ज़मीन में गिरा था। वह बीज एक आम का था, जो एक पके आम के गिरने से वहां पड़ा था। छोटा बीज बहुत … Read more

छोटा दीपक और आसमान का पुल

एक खास सपनाछोटा दीपक एक गरीब लेकिन समझदार और निडर बालक था। वह अपनी माँ के साथ एक पहाड़ी गाँव में रहता था। दीपक को सितारे बहुत पसंद थे। हर रात वह छत पर लेटकर तारों से बातें करता और उन्हें अपना दर्द, अपनी चाहतें बताता। एक रात उसने तारे से पूछा, “क्या मैं कभी … Read more

“पेड़ की आख़िरी पाती”

वह बूढ़ा पेड़ और राजू गाँव के बीचों-बीच एक पुराना बरगद का पेड़ था। लोग उसे प्यार से “बब्बू पेड़” कहते थे। यह पेड़ वहाँ पिछले सौ सालों से खड़ा था। उसकी जड़ें ज़मीन के नीचे गहराई तक फैली थीं, और उसकी शाखाएँ आकाश को छूती हुई लगती थीं। राजू नाम का एक सात साल … Read more

मिट्टी की गुड़िया

गुड़िया का जन्म गाँव के किनारे एक छोटी-सी कच्ची झोपड़ी में रहती थी सात साल की गुड़िया। हाँ, उसका असली नाम गौरवी था, पर सब उसे प्यार से “गुड़िया” ही कहते थे। उसके पापा खेतों में मजदूरी करते और माँ पास के मंदिर में सफाई। घर में ज़्यादा कुछ नहीं था, पर गुड़िया की दुनिया … Read more

अद्भुत किताबों की दुकान

हरिपुर एक छोटा-सा शहर था — शांत, हरियाली से भरा, जहाँ बच्चे खुले मैदानों में खेलते और बड़ों के पास कहानियों का खज़ाना होता।इसी शहर में रहता था दस साल का आरव, जो अपनी उम्र से कहीं ज्यादा जिज्ञासु था। आरव को नयी चीजें जानना, सपनों की दुनिया में खो जाना और किताबों की कहानियों … Read more

इंद्रधनुष गाँव की जादुई यात्रा

बहुत समय पहले, पहाड़ों के पार, एक सुंदर सा गाँव था — इंद्रधनुष गाँव। वहाँ के घर रंग-बिरंगे थे, जैसे किसी ने सात रंगों से उन्हें सजाया हो। गाँव के बच्चे हर दिन नए-नए खेल खेलते, पेड़ों पर झूला झूलते और हँसी-ठिठोली करते। इस गाँव में एक छोटा सा लड़का रहता था, जिसका नाम था … Read more